UP Board syllabus Class 11th
UP board chapter 6 Class 11th Long Questions Answer
BoardUP Board
Text bookNCERT
Class 11th
SubjectEnglish
Chapter Chapter 6
Chapter nameA DIALOGUE ON CIVILIZATION
Chapter Number Number 6 Long Questions Answer
CategoryEnglish PROSE Class 11th
UP Board Syllabus Chapter 6 Class 11th English (Prose)
NumberChapter Number
1UP board chapter 6 Class 11 A DIALOGUE ON CIVILIZATION
2UP Board Chapter 6 Class 11th Summary of the Lesson
3UP Board Chapter 6 Class 11 Explanation
4UP Board chapter 6 Class 11 Comprehension Questions on Paras
5UP board chapter 6 Class 11 Short Questions Answer
6UP board chapter 6 Class 11 Long Questions Answer
7UP board chapter 6 Class 11 FILL IN THE BLANKS

Q. Answer the following questions in about 150 words:

Q.1. What, according to C.E.M. Joad, are the requirements of a true civiliza- tion? .
सी.ई.एम. जोड के अनुसार वास्तविक सभ्यता की क्या आवश्यकताएँ हैं ?

Or

What is according to Joad, meant by being civilized ?
सीई एम. जोड के अनुसार सभ्य होने से क्या तात्पर्य है ?

Or

What does being good mean with reference to civilization ?

सभ्यता के सन्दर्भ में ‘अच्छा होने का क्या तात्पर्य है ? सभ्यता के लिए नियमों का पालन करना क्यों आवश्यक है?

Or

How is obeying the laws necessary for civilization?
सभ्यता के लिए नियमों का पालन क्यों आवश्यक है?

Or

Describe Joad’s views on civilization.
सभ्यता के बारे में जोड़ के विचारों का वर्णन करो।

Ans. Introduction

Ans. Introduction : In his essay ‘A Dialogue on Civilization’ the writer Joad explains how some people have a wrong idea of civilization. They think that living luxurious lives is being civilized. It is not so. Having too much of what a person likes does not make him better.

Role of money

Role of money: According to load using money and power just to get what a person wants and does what he likes, is not being civilized. The Caliphs and Princes in the Arabian Nights owned grand palaces and gorgeous things. But they were not civilized.

Beautiful things

Beautiful things: There are some other things which make a man civilized. If a person does something which he can be proud of, he is civilized. Producing
beautiful things such as plays, pictures and music is being civilized. We don’t get tired of beautiful things. They are liked in all ages.

Free thinking

Free thinking : To be civilized one must think freely. Without free thinking there can be no civilization. For free thinking we must have security, leisure and society. To be civilized, people must keep the rules and be good and act justly towards their neighbours. They should obey the laws.

Conclusion

Conclusion: In this way, ‘being civilized’ means making beautiful things. thinking freely and thinking new things, keeping the rules, being good and obeying the laws.

भूमिका

भूमिका : अपने निबन्ध A Dialogue om Civilization’ में लेखक जोड व्याख्या करता है कि किस प्रकार से कुछ लोग सभ्यता के बारे में गलत विचार रखते हैं। वे सोचते हैं कि आरामदायक जीवन व्यतीत करना ही सभ्यता है। ऐसा नहीं है। एक व्यक्ति को जितने की चाह है उससे बहुत अधिक रखता है तो यह अधिक अच्छा नहीं बन जाता है।

धन की भूमिका

धन की भूमिका : जोड के अनुसार व्यक्ति जो चाहता है उसे पाने के लिए धन का अधिक प्रयोग करता है. इससे सभ्य नहीं बनता। अरेवियन नाइट्स में खलीफाओं और राजकुमारों के पास शानदार महल और भव्य वस्तुएँ होती थी किन्तु वे सभ्य नहीं थे।

सुन्दर वस्तुएं

सुन्दर वस्तुएं : कुछ अन्य बातें हैं जो व्यक्ति को सभ्य बनाती हैं। यदि एक आदमी ऐसा कुछ करता है जिसके लिए वह गर्व करे, वह सभ्य हैं। नाटक, चित्र तथा संगीत जैसी सुन्दर चीजों का निर्माण करना, सभ्य होना है। हम सुन्दर चीजों से ऊयते नहीं हैं। वे हर समय पसन्द की जाती है।

स्वतन्त्र विचार

स्वतन्त्र विचार : सभ्य होने के लिए हमें स्वतन्त्रतापूर्वक सोचना चाहिए। बिना स्वतन्त्रतापूर्वक सोच हम सभ्य नहीं बन सकते। स्वन्त्रतापूर्वक सोचने के लिए हमारे पास सुरक्षा, अतिरिक्त समय तथा समाज होना चाहिए। सभ्य बनने के लिए लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए और अच्छा बनना चाहिए और अपने पड़ोसियों के प्रति उचित व्यवहार करना चाहिए। उन्हें नियमों का पालन करना चाहिए।

निष्कर्ष

निष्कर्ष : इस प्रकार, ‘सभ्य बनने’ का तात्पर्य है सुन्दर उपादान बनाना, स्वतन्त्रतापूर्वक सोचना, नवीन उपादानों के बारे में सोचना, नियमों का पालन. अच्छा होना और कानून का पालन करना।

Q. 2. What are the necessary conditions for someone to be able to think freely? What are the three things necessary to free thinking?
किसी व्यक्ति के मुक्त रूप से चिन्तन करने के योग्य होने के लिए क्या आवश्यक दशा मुक्त चिन्तन के लिए कौन-सी तीन चीजें आवश्यक हैं?

Ans. Introduction

Ans. Introduction : ‘ADialogue on Civilization’ is a moralessay written by the famous philosopher C.E.M. Joad. In this essay the writer has described some
important points which help us in making civilized. Some of the points are as follows:

(1) Free thinking

(1) Free thinking: According to Joad, if a person spends all his time, in earning his daily bread, he would not have time for free thinking. Without leisure free thinking is not possible. For free thinking security is very essential, because without Security nobody can think about new inventions freely.

(2) Making beautiful things

(2) Making beautiful things: Producing beautiful things such as plays, pictures and music, is being civilized. Thus, creating beautiful things is an essential part to
think freely

(3) Security

(3) Security: For thinking freely, security is very essential. Because people can not think freely if they live in fear.

(4) To obey the laws

(4) To obey the laws : For thinking freely, it is necessary to obey the laws. Because, if we obey laws, we shall not quarrel with anybody. Thus, we can think freely.

Conclusion

Conclusion: These are some important and essential things which make us think freely.

भमिका

भमिका : ‘ADialogue on Civilization’ प्रसिद्ध दर्शनिक सीई.एम. जोड द्वारा लिखित एक नैतिक निबन्ध है। प्रस्तुत निबन्ध में लेखक ने कुछ महत्वपूर्ण संकेतों का वर्णन किया है जो हमें सभ्य बनने में सहायक होते हैं। कुछ संकेत निम्न है।

(1) स्वतन्त्र चिन्तन

(1) स्वतन्त्र चिन्तन :जोड के अनुसार, यदि काइ व्याक्त अपना पूरा समय आजीविका कमाने में ही व्यतीत कर देगा तो स्वतन्त्र चिन्तन के लिए उसको समय नहीं मिलेगा। अतिरिक्त समय के अभाव मैं स्वतन्त्र चिन्तन सम्भव नहीं है। स्वतन्त्र चिन्तन के लिए सुरक्षा परम आवश्यक है. क्योंकि बिना
सुरक्षा के नवीन आविष्कारों के बारे में स्वतन्त्र चिन्तन नहीं कर सकता।

(2) सन्दर वस्तएँ बनाना

(2) सन्दर वस्तएँ बनाना : सुन्दर वस्तुएं बनाना जैसे नाटक, चित्र तथा संगीत सभ्य बनना है। इस प्रकार, सुन्दर वस्तुएँ बनाना स्वतन्त्र चिन्तन का आवश्यक अंग है।

(3) सरक्षा

(3) सरक्षा : स्वतन्त्र चिन्तन के लिए सुरक्षा परम आवश्यक है। क्योंकि भय में रहकर स्वतन्त्रतापूर्वक नहीं सोच सकते। जिला चिन्तन के लिए नियमों का पालन करना भी आवश्यक है।

(4) नियमों का पालन कराना

(4) नियमों का पालन कराना : स्वतन्त्र चिन्तग के लिए नियमों का
क्योकि यदि हम नियमों का पालन करग, वा किसा सझगड़ा नहा करगा इस प्रकार हम स्वतन्न सोच सकते हैं।

निष्कर्ष

निष्कर्ष : ये कुछ आवश्यक व महत्वपूर्ण बात का आवश्यक व महत्वपूर्ण बातें हैं जिन्हें अपनाकर हम स्वतन्त्र चिन्तन कर सकते हैं।

UP Board Syllabus Chapter 6 Class 11th English (Prose)
NumberChapter Number
1UP board chapter 6 Class 11 A DIALOGUE ON CIVILIZATION
2UP Board Chapter 6 Class 11th Summary of the Lesson
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4UP Board chapter 6 Class 11 Comprehension Questions on Paras
5UP board chapter 6 Class 11 Short Questions Answer
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